Dost Ki Maa Ko Choda | Aunty Sex Hindi Story

अपने दोस्त की मम्मी यानि आंटी के साथ सेक्स को हिंदी स्टोरी के रूप में पेश कर रहा हूँ, पढ़ कर मजा लीजिये.
मेरा नाम प्रिन्स है.. मेरा एक दोस्त है हरी.. जो मोदी नगर के पास का रहने वाला है।
एक दिन मेरा दोस्त हरी मेरे घर आया और उसने कहा- चलो तुम मेरे घर चलो।
हम दोनों मोदी नगर के पास एक गाँव में उसके घर चले गए, जहाँ उसके मम्मी-पापा के साथ एक बहन भी थी। उसकी मम्मी और बहन बहुत सेक्सी थीं। दोनों ही मस्त ब्यूटिफुल आइटम थीं।

मम्मी हाइट लगभग 5 फुट 5 इंच थी और फिगर 36-32-38 का था। इसी तरह उसकी बहन की मादक फिगर भी 34-32-36 की थी।

हम दोनों उस दिन शाम को गाँव में घूमे और उधर के देसी चुचों के नजारे लेते रहे।

अगले दिन हरी के पापा हरी को लेकर पास के गाँव में किसी काम से चले गए। दोस्त के पापा जाते वक्त मुझसे घर की देखभाल की कह कर चले गए। उन दोनों को शाम 8 बजे तक वापस आना था।
अब केवल हम तीन ही घर में थे।
मेरी कामुक आँखें दोस्त की मदमस्त बहन की जवानी को निहार रही थीं। उसका नाम ऋतु था।

करीब दस बजे दोस्त की मम्मी रमा ने मुझसे कहा- मैं अभी बाहर जा रही हूँ.. मुझे कुछ काम है।
यह कह कर उसकी मम्मी साथ वाले मकान में चली गईं।

मुझे कुछ शक हुआ.. मैं भी उनको बिना बताए, छत से साथ वाले मकान में चला गया, जहाँ पर मैंने देखा कि हरी की मम्मी को साथ में रहने वाले उसके अंकल अपनी गोद में उठा कर अन्दर वाले कमरे में ले गए। मैं तभी समझ गया कि अब तो आंटी की चुदाई हो कर ही रहेगी और वही हुआ।

अंकल बिना समय गंवाए रमा आंटी को अन्दर के कमरे में ले गए। मैं भी अन्दर वाले कमरे के पीछे वाले गेट तक आ गया और कोई सुराख देखने लगा। तभी मुझे एक बड़ा सा सुराख नज़र आ गया। मैंने अन्दर देखा तो उधर अब तक अंकल ने उनकी साड़ी उतार कर ज़मीन पर डाल दी थी। आंटी का पेटीकोट भी ऊपर तक उठा दिया था, जिससे उनकी गांड मेरी तरफ को होकर चमक रही थी।
अंकल आंटी की गोरी गांड को अपने दोनों हाथों से दबा रहे थे, साथ ही अंकल ने आंटी के होंठों को अपने होंठों में दबा रखा था।

तभी आंटी ने अपने होंठों को हटा का कहा- जल्दी से चुदाई करो.. बहुत प्यासी हूँ।

फिर क्या था, अंकल ने अपने कपड़े उतार दिए और नंगे हो गए.. साथ ही उन्होंने आंटी को भी नंगा कर दिया। अंकल ने आंटी का सर पकड़ कर नीचे करके अपना लंड उनके मुँह में घुसा दिया.. जो काफी लम्बा और मोटा था।

अंकल बोले- मेरी रानी, जल्दी से लंड चूस ले, उसके बाद मैं तेरी चुत फाड़ दूंगा।
आंटी ने जोर से लंड चूसना शुरू कर दिया। करीब पांच मिनट में ही लंड एकदम से तन कर आंटी के मुँह से बाहर आ गया।

अंकल ने आंटी को पकड़ कर बिस्तर पर चित लेटा कर उनकी टांगें चौड़ी कर दीं।

अब अंकल ने आंटी की चुत को बिना चूसे ही अपना लंड उनकी चुत पर रखा और एक जोर का झटका दे मारा। तभी आंटी चीख पड़ीं.. अंकल का लंड आधा अन्दर चला गया था। इधर अंकल ने आंटी की दोनों चूचियां दबा रखी थीं, साथ ही मुँह बंद कर रखा था। उसके बाद करीब 5-7 धक्कों में ही आंटी की चुत में पूरा लंड अन्दर कर दिया था।

अब तो आंटी मस्त होकर चुत चुदाई करवा रही थीं.. कि तभी वो दरवाजा जहाँ से मैं ये सब देख रहा था.. अन्दर की ओर खुल गया.. इसी के साथ मैं अन्दर की तरफ गिर गया।

दोनों चौंक गए और डर गए।

मेरा लंड भी उनकी चुदाई देख कर तना हुआ था। आंटी ने देखा कि मेरा लंड खड़ा है.. वो अंकल से बोलीं- चिंता मत करो, तुम चुदाई करते रहो।

अंकल ने फिर से धक्के लगाना शुरू कर दिए।
अब आंटी ने मुझसे कहा- दरवाजा बंद कर दो और मेरे पास आ जाओ।

मैंने भी दरवाजा बंद किया और आंटी के पास आ गया। अंकल धकापेल आंटी की चुदाई किए जा रहे थे और आंटी बड़ी मस्ती से उनका साथ दे रही थीं।
आंटी ने कहा- अमित तुम क्या देख रहे थे.. चलो कोई बात नहीं.. अब आराम से देखो और तुम्हारा तो लंड खड़ा है.. क्या तुम भी मुझे चोदना चाहते हो?
मेरे मुँह से निकल गया- हाँ आंटी, मैं तुमको चोदना चाहता हूँ।
आंटी ने अंकल से कहा- सुनो यार तुम जरा जल्दी जल्दी चोदो.. अभी अमित की प्यास भी बुझानी है।

Dost Ki Maa Ko Choda

आंटी ने मुझे कहा- तुम अपने कपड़े उतार कर नंगे हो जाओ।
अब हम तीनों नंग-धड़ंग एक ही कमरे में थे। मैं ये सोच रहा था कि जब हरी की मम्मी इतनी ब्यूटिफुल हैं.. तो इनकी बेटी कितनी सुंदर होगी।

मैं आंटी के पास को गया, तभी अंकल ने आंटी से कहा- रमा चलो अब ज़रा घोड़ी बन जाओ.. ताकि मैं तुम्हें पीछे से चोद सकूं।

आंटी घोड़ी बन गईं और उन्होंने आगे से मेरा लंड अपने मुँह में डाल लिया। पीछे से अंकल उनकी चुत चुदाई करने लगे। मेरा लंड चूसने से और ज्यादा तन गया था। मैं आंटी के बाल पकड़ कर उनके मुँह में धक्के मारने लगा।

अब आंटी दो तरफ से धक्के खा रही थीं। तभी मैंने आंटी का सर कस कर पकड़ लिया और सारा पानी उनके मुँह में डाल दिया। उधर अंकल ने भी आंटी को कस कर पकड़ रखा था क्योंकि उनका लंड भी झड़ने को था और कुछ ही पलों में उन्होंने अपना पानी उनकी चुत में डाल दिया। आंटी ने सारा पानी मुँह और चुत में पी लिया।

मैं बहुत खुश था।

अंकल थक चुके थे लेकिन आंटी में अभी भी दम था। अंकल वहीं ज़मीन पर लेट गए और अब मैं आंटी के सामने था। मेरा लंड भी अंकल की तरह था.. लेकिन मोटाई एक इंच ज्यादा थी।

आंटी बोलीं- हाय इतना मोटा लंड!
मैं बोला- चिंता मत करो आंटी… पूरा घुस जाएगा।
आंटी बोलीं- कैसे चोदना चाहते हो?
मैंने कहा- पहले सामने से.. फिर पीछे से चोदूँगा।

मैंने देखा था कि अब तक आंटी की गांड किसी ने नहीं मारी थी।

मैंने सोच लिया था कि आंटी की गांड ज़रूर मारूँगा। आंटी कमरे में बने हुए बाथरूम में जाकर अपनी चुत को अन्दर तक धो कर आ गईं। फिर आंटी ने मेरे लंड का चूसना शुरू कर दिया। मैंने उनकी चुत को 69 की पोजीशन में कर लिया।

आंटी बोलने लगीं- क्या इस तरह भी चूसते हैं।
मैंने कहा- हाँ आंटी..

करीब 15 मिनट की लंड चुसाई के बाद मैंने उनको सीधा करके अपना लंड उनकी चुत पर रखकर जोरदार शॉट मारा। मेरे लंड का 1/3 हिस्सा चुत के अन्दर घुस गया। आंटी की चुत दर्द से परपरा उठी.. आंटी चीखने लगीं।

लेकिन अगले ही पल आंटी ने चीख को होंठों में दबा लिया और चोदने के लिए कहने लगीं- चोदने के लिए मना नहीं है लेकिन प्यार से चोदो।

मैंने तभी और जोर से धक्का मारा और लंड पूरा को पूरा चुत में पेलने लगा। मैं लगातार धक्के मारे जा रहा था और आंटी मेरा साथ दे रही थीं।

उसके बाद मैंने उनको डॉगी स्टाइल में चोदना शुरू किया। वो न्यू स्टाइल में चुदाई होने से बहुत से खुश थीं।
मैंने करीब 20 मिनट कुतिया की तरह आंटी की चुदाई की, उसके बाद मैंने उनकी एक टांग ज़मीन और दूसरी टांग अपने कंधे पर रख ली। इससे पहले वो कुछ सोच पातीं, मैंने अपने लंड को उनकी चुत का रास्ता दिखा दिया।

एक ही शॉट में पूरा का पूरा लंड उनकी चुत में जड़ तक घुस गया, मैंने उन्हें चीखने भी नहीं दिया।
काफ़ी समय तक उस तरह ही चुदाई करता रहा.. वो खुश थीं।

मैं बोला- चिंता मत करो आंटी.. मैं और हरी काफ़ी सारे नए स्टाइल जानते हैं, हम दोनों ने मिलकर एक ही लड़की को चोदा था, जैसे आज हम दोनों ने तुमको चोदा है।

कुछ देर बाद मैंने अपना लंड आंटी की चुत से बाहर निकाल लिया और आंटी को उल्टा लिटा दिया। फिर मैंने आंटी की गांड पर तेल लगा दिया।

गांड पर तेल लगाते देख कर आंटी ने पूछा- ये क्या कर रहे हो?
मैंने कहा- आंटी मैं तुम्हारी गांड मारना चाहता हूँ।
आंटी ने कहा- अमित, मैंने अब तक कभी गांड नहीं मरवाई है।
मैंने कहा- आंटी एक बार मरवा लो.. फिर तुम हमेशा चुत चुदाई से पहले गांड मरवाना पसंद करोगी।

मैंने अपने लंड पर भी तेल लगाया और धीरे-धीरे उनकी गांड में लंड डालना शुरू कर दिया।

मैंने पहले ही तेल लगा कर उनकी गांड को बहुत ढीला और चिकना कर दिया था ताकि लंड अन्दर जाने में दिक्कत ना हो। मैंने धीरे-धीरे धक्के मारने शुरू कर दिए और लंड अन्दर जाने लगा।
आंटी बोलीं- अमित, मुझे दर्द हो रहा है।
मैं बोला- चुत की तरह पहली बार गांड में भी दर्द होता है.. कुछ देर बाद खत्म हो जाएगा।

आंटी समझ गईं कि ये नहीं मानने वाला है। मैं भी झटके मारने में लगा रहा.. करीब 20 मिनट के बाद मेरा पूरा लंड अन्दर घुस गया था।
आंटी दर्द से मचल रही थीं।

फिर मैंने अपना पूरा लंड बाहर निकाला और एक जोर का शॉट मारा। मेरा लंड फिर से आंटी की गांड में पूरा अन्दर घुस गया।

आंटी एकदम से उछल पड़ीं और बोलीं- ओह.. अमित छोड़ दो.. मेरी गांड फट जाएगी।
मैंने कहा- रानी.. गांड तो तुम्हारी मैंने फाड़ ही दी है।
वो गुस्सा हो गईं और बोलीं- अपना लंड मेरी गांड से निकालो।

मैं उनकी बात को अनसुना करते हुए जोर-जोर से धक्के मार रहा था और वो दर्द से तड़फते हुए छूटने के लिए असफल कोशिश कर रही थीं.. क्योंकि मैंने उनको कमर से कस कर पकड़ रखा था।

वो बोलीं- प्लीज़ छोड़ दो।
मैंने उनके कान में हल्के से कहा- छोड़ तो दूँगा.. लेकिन मुझे एक बार ऋतु की चुत दिला दोगी।
‘अहह.. वो अभी वो छोटी है..’
मैंने कहा- मैं उसे चोद कर बड़ा बना दूँगा।

काफ़ी देर बाद आंटी ऋतु की चुदाई के लिए राज़ी हो गईं।
लेकिन मैंने उनसे धीरे से कहा- उसको केवल मैं ही चोदूँगा.. ये अंकल हाथ भी नहीं लगाएगा।
वो राज़ी हो गईं।

अब तक आंटी को गांड में मजा आने लगा था। मैंने पूछा- तो बताओ लंड निकाल लूँ?
आंटी बोलीं- अब पूरी मार लो.. अच्छा लग रहा है।

आंटी की गांड मारने के बाद बीस मिनट आराम करने के बाद अंकल अपना लंड हिलाते हुए आए और फिर से आंटी की चुदाई करने के लिए कहने लगे।
मैंने आंटी को कहा- अब हम दोनों मिलकर एक साथ लंड पेल कर आपकी चुदाई करना चाहते हैं।
वो बोलीं- वो कैसे?
मैंने कहा- अंकल तुम नीचे लेट जाओ।

अंकल नीचे लेट गए और मैंने आंटी को बोला- आप अपनी चुत में अंकल का लंड घुसवा लो।

आंटी ने भी वही किया.. अब मेरी बारी थी.. क्योंकि अब आंटी की चुत और गांड दोनों ही फटने वाली थीं।

मैंने अपने लंड पर तेल लगाया और आंटी के चूतड़ों को हाथ से फैला से चौड़ा करके अपने लंड को आंटी की गांड का रास्ता दिखा दिया।
फिर क्या था.. आंटी चीखने लगीं।
मैंने अंकल से कहा- अंकल चुत में झटके मारो.. मैं इनकी गांड मारता हूँ।

फिर हम दोनों आंटी पर पिल पड़े.. साथ साथ धमाधम चुदाई होने लगी। कुछ देर बाद हम दोनों ने अपने पूरे लंड गांड और चुत में डाल दिए।

मैंने आंटी को कहा- हरी और मैं हमेशा ऐसे ही लड़की को चोदते हैं।

कुछ देर बाद आंटी को भी अब मज़ा आने लगा, करीब 20 मिनट की चुदाई और गांड मरवाने के बाद आंटी बोलीं- आज पहली बार मुझे अपनी चुत और गांड पर गर्व है.. जिसने दोनों लंडों को एक साथ अन्दर ले लिया.. सच में इतना मजा मुझे लाइफ में कभी नहीं आया।

उसके बाद मैंने अपना लंड सीधा आंटी को चुसवा दिया।

चुदाई के बाद हम तीनों नंगे ही लेट गए। दोपहर में करीब 3.00 बजे हम दोनों अंकल को वहीं छोड़ कर आ गए।

आंटी को अब ऋतु को चुदवाने के लिए तैयार करना था।

ऋतु की कमसिन जवानी मेरी नज़रों में नाच रही थी।

ऋतु की चुत के साथ क्या होता है.. ये सब आपको विस्तार से लिखूंगा।

आपके मेल इस आंटी सेक्स हिंदी स्टोरी पर अवश्य चाहूँगा।
[email protected]

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3 Responses

  1. Salman says:

    I am salman my age 21
    Anti Bhabhi mere ko chodne
    Ne bhut maza ata hai

  2. Vishal Gill says:

    Nice story koi ladki aunty mujhse chudna chahti hai to mail kare

  3. Arpit says:

    Koi mere mummy ke boob bade karega

    Telegram id-Arpit_0000

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